Karnataka NEET PG 2025: कट-ऑफ 'जीरो' होने के बाद राउंड 3 का पंजीकरण शुरू, जानें पूरी प्रक्रिया और नियम
कर्नाटक में मेडिकल शिक्षा की राह देख रहे स्नातकोत्तर (PG) उम्मीदवारों के लिए एक ऐतिहासिक और चौंकाने वाला मोड़ आया है। कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण (KEA) ने NEET PG 2025 (सत्र 2024 के आधार पर) के लिए तीसरे दौर (Round 3) के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बार की सबसे बड़ी खबर यह है कि केंद्र सरकार और चिकित्सा परामर्श समिति (MCC) के निर्देशानुसार, योग्यता कट-ऑफ को घटाकर 'शून्य' (0 Percentile) कर दिया गया है।
इसका सीधा अर्थ यह है कि जिस भी उम्मीदवार ने इस वर्ष की NEET PG परीक्षा में भाग लिया था, वह अब काउंसलिंग प्रक्रिया और रिक्त सीटों के लिए आवेदन करने का पात्र बन गया है।
कर्नाटक में पीजी मेडिकल सीटों (MD/MS/Diploma) के लिए चल रही काउंसलिंग प्रक्रिया अब अपने निर्णायक मोड़ पर है। KEA ने उन सभी छात्रों को एक सुनहरा अवसर प्रदान किया है जो पहले कम अंकों या कट-ऑफ के कारण दौड़ से बाहर हो गए थे। 'जीरो परसेंटाइल' के नियम ने हजारों छात्रों के लिए फिर से उम्मीद के दरवाजे खोल दिए हैं।
1. क्या है '0 परसेंटाइल' का मामला?
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) ने एक अभूतपूर्व निर्णय लेते हुए NEET PG के लिए क्वालीफाइंग कट-ऑफ को घटाकर शून्य कर दिया है।
उद्देश्य: इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य मेडिकल कॉलेजों में रिक्त रह जाने वाली सीटों को भरना है। अक्सर देखा जाता है कि कठिन कट-ऑफ के कारण गैर-नैदानिक (Non-Clinical) और कुछ निजी कॉलेजों की सीटें खाली रह जाती हैं।
पात्रता में बदलाव: पहले केवल एक निश्चित परसेंटाइल (जैसे सामान्य वर्ग के लिए 50वां परसेंटाइल) प्राप्त करने वाले छात्र ही काउंसलिंग में भाग ले सकते थे। अब, यदि आपने परीक्षा में केवल न्यूनतम अंक भी प्राप्त किए हैं या शून्य से अधिक अंक हैं, तो आप पात्र हैं।
2. KEA राउंड 3 पंजीकरण का शेड्यूल
कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण ने संशोधित पात्रता के साथ नए पंजीकरण के लिए लिंक सक्रिय कर दिया है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे समय सीमा का कड़ाई से पालन करें।
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
| आधिकारिक वेबसाइट | |
| पंजीकरण का प्रकार | ऑनलाइन (फ्रेश रजिस्ट्रेशन और भुगतान) |
| पात्र उम्मीदवार | वे सभी जिन्होंने NEET PG परीक्षा दी है |
| राउंड 3 का उद्देश्य | रिक्त सीटों का आवंटन और मॉप-अप प्रक्रिया |
महत्वपूर्ण सूचना: जिन उम्मीदवारों ने पहले ही पंजीकरण कर लिया है और वे राउंड 1 या राउंड 2 में शामिल हुए थे, उन्हें फिर से पंजीकरण करने की आवश्यकता नहीं है। यह अवसर मुख्य रूप से उन लोगों के लिए है जो पहले "नॉट क्वालिफाइड" (Not Qualified) थे।
3. पंजीकरण और आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Guide)
यदि आप नए नियमों के तहत पात्र हुए हैं, तो आप इन चरणों का पालन करके अपना आवेदन पूरा कर सकते हैं:
आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले KEA की आधिकारिक वेबसाइट
kea.kar.nic.inपर लॉग इन करें।NEET PG 2025 लिंक चुनें: होमपेज पर 'PGET 2024-25/NEET PG' वाले सेक्शन पर क्लिक करें।
पंजीकरण (Registration): अपना NEET PG रोल नंबर, आवेदन संख्या और व्यक्तिगत विवरण दर्ज करके नया लॉगिन क्रेडेंशियल बनाएं।
दस्तावेज़ अपलोड: अपनी मार्कशीट, इंटर्नशिप प्रमाणपत्र, और श्रेणी प्रमाणपत्र (यदि लागू हो) की स्कैन की गई प्रतियां अपलोड करें।
शुल्क भुगतान: निर्धारित काउंसलिंग शुल्क का भुगतान ऑनलाइन मोड (डेबिट कार्ड/नेट बैंकिंग) से करें।
विकल्प प्रविष्टि (Option Entry): पंजीकरण के बाद आपको कॉलेजों और पाठ्यक्रमों की अपनी प्राथमिकता सूची (Preferences) भरनी होगी।
4. आवश्यक दस्तावेज़ों की सूची (Checklist)
काउंसलिंग और वेरिफिकेशन के समय आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की मूल प्रतियों और फोटोकॉपी की आवश्यकता होगी:
NEET PG 2025 का एडमिट कार्ड और स्कोर कार्ड।
कक्षा 10वीं और 12वीं की मार्कशीट।
MBBS की सभी वर्षों की मार्कशीट।
अनिवार्य रोटेटरी इंटर्नशिप पूरा होने का प्रमाणपत्र।
मेडिकल काउंसिल (NMC/State Council) का पंजीकरण प्रमाणपत्र।
कर्नाटक अधिवास (Domicile) प्रमाणपत्र (यदि राज्य कोटे के लिए आवेदन कर रहे हैं)।
जाति/आरक्षण प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)।
वैध पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड, आदि)।
5. 'जीरो कट-ऑफ' का मेडिकल शिक्षा पर प्रभाव
इस फैसले को लेकर चिकित्सा जगत में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। इसके कुछ सकारात्मक और नकारात्मक पहलू इस प्रकार हैं:
सकारात्मक पक्ष:
सीटों की बर्बादी कम होगी: हर साल सैकड़ों पीजी सीटें खाली रह जाती थीं, जिससे देश में विशेषज्ञों की कमी बनी रहती थी। अब इन सीटों का उपयोग हो सकेगा।
छात्रों को राहत: जिन छात्रों का सपना पीजी करना था लेकिन वे कुछ अंकों से चूक गए थे, उन्हें अब एक साल बर्बाद किए बिना प्रवेश मिल सकेगा।
निजी कॉलेजों की व्यवहार्यता: कई निजी मेडिकल कॉलेजों के लिए खाली सीटें आर्थिक बोझ बनती थीं, जो अब कम होगा।
चिंता के विषय:
गुणवत्ता पर सवाल: कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि कट-ऑफ को पूरी तरह खत्म करने से पीजी स्तर की शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
अत्यधिक शुल्क: चूंकि अब प्रतिस्पर्धा उन छात्रों के बीच भी होगी जिन्होंने कम अंक पाए हैं, इसलिए निजी और डीम्ड विश्वविद्यालयों में सीटों के लिए मारामारी और बढ़ सकती है, जिससे 'मैनेजमेंट कोटा' की सीटों की मांग बढ़ेगी।
6. कर्नाटक नीट पीजी काउंसलिंग के नियम (राउंड 3)
KEA ने राउंड 3 के लिए कुछ सख्त नियम भी लागू किए हैं ताकि प्रक्रिया पारदर्शी रहे:
अनिवार्य प्रवेश: यदि किसी उम्मीदवार को राउंड 3 में सीट आवंटित की जाती है, तो उसे अनिवार्य रूप से उस कॉलेज में शामिल होना होगा। यदि वह ऐसा नहीं करता है, तो उसे भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है और भविष्य की काउंसलिंग से प्रतिबंधित किया जा सकता है।
फ्री एग्जिट नहीं: राउंड 1 और 2 के विपरीत, राउंड 3 में आमतौर पर 'फ्री एग्जिट' की सुविधा नहीं होती है।
सीट सरेंडर: उम्मीदवार अपनी पिछली सीटों को सरेंडर करने के लिए निर्धारित समय सीमा का ध्यान रखें, अन्यथा उनकी सुरक्षा राशि (Security Deposit) जब्त की जा सकती है।
7. उम्मीदवारों के लिए विशेष सुझाव
कॉलेज का चुनाव सावधानी से करें: चूंकि यह काउंसलिंग का अंतिम चरण है, इसलिए केवल उन्हीं कॉलेजों को प्राथमिकता दें जिनमें आप वास्तव में प्रवेश लेना चाहते हैं।
फीस स्ट्रक्चर की जांच: आवेदन करने से पहले निजी कॉलेजों की ट्यूशन फीस और अन्य छिपे हुए खर्चों की अच्छी तरह जांच कर लें।
KEA के नोटिफिकेशन: वेबसाइट पर जारी होने वाले 'सीट मैट्रिक्स' को जरूर देखें ताकि आपको पता चल सके कि किस कॉलेज में कितनी सीटें बची हैं।
कर्नाटक नीट पीजी 2025 के राउंड 3 में 0 परसेंटाइल का नियम एक बड़ा गेम-चेंजर है। यह न केवल उन छात्रों के लिए संजीवनी है जो पात्रता की रेखा से नीचे थे, बल्कि यह कर्नाटक के चिकित्सा बुनियादी ढांचे को पूर्ण क्षमता के साथ उपयोग करने का एक प्रयास भी है। KEA की इस त्वरित कार्रवाई से काउंसलिंग प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
सभी इच्छुक उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय की तकनीकी खराबी से बचने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करें। चिकित्सा शिक्षा में विशेषज्ञता हासिल करने का यह आपके लिए संभवतः इस सत्र का अंतिम मौका है।